October 27, 2025
3 mins read

कलाकार गुर्जर सिंह बघेल ने राष्ट्रीय राजधानी में अपनी जनजातीय कला से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को किया मंत्रमुग्ध

प्रसिद्ध जनजातीय कलाकार गुर्जर सिंह बघेल ने नई दिल्ली में चल रही प्रदर्शनी में बाघों और वन जीवन पर आधारित अपनी अद्भुत कलाकृतियों से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मोहित कर दिया। उनकी जीवंत रचनाएँ, जो जनजातीय समुदायों और प्रकृति के गहरे संबंध से प्रेरित हैं, बाघ संरक्षण, सामंजस्य और सह–अस्तित्व के सुंदर विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने बघेल की कलाकृतियों में झलकती सूक्ष्मता और सांस्कृतिक समृद्धि की सराहना की और कलाकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अभिव्यंजक चित्रकला के माध्यम से भारत की जनजातीय बुद्धिमत्ता और पारिस्थितिक दर्शन को प्रमुखता से उजागर किया है।

बघेल की रचनाएँ चर्चित प्रदर्शनी ‘साइलेंट कन्वर्सेशन: फ्रॉम मार्जिन्स टू द सेंटर’ का हिस्सा हैं, जिसमें देशभर से आए 50 से अधिक जनजातीय कलाकारों की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की जा रही हैं। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण में स्वदेशी समुदायों की भूमिका और उनके जंगलों से पारंपरिक संबंध का उत्सव मनाता है — जो भारत की प्रोजेक्ट टाइगर विरासत और संरक्षण भावना को एक दृश्य श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

साइलेंट कन्वर्सेशन्स’: जनजातीय कलाकारों की कूची से बाघ और सहअस्तित्व की कहानियाँ

Next Story

Trauma of a teen ordered to leave New Zealand

Latest from Blog

Pravasi Daily News 14.10.2026

A Ray of Hope for Indian Women Facing Abuse Overseas https://pravasisamwad.com/a-ray-of-hope-for-indian-women-facing-abuse-overseas/ New Income Tax Act Retains NRI Residency Rules; ₹15
Go toTop