जब एयरपोर्ट बना कला और आध्यात्मिक विरासत का संगम अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) एक ऐसी कहानी भी कहने की कोशिश
कैसे एक ज़ीरो-वेस्ट फैशन ब्रांड भूली-बिसरी कलाओं के ज़रिए बिहार की पहचान को नया स्वरूप दे रहा है जब सुमति जालान उच्च शिक्षा के लिए बिहार से बाहर गईं, तो उन्हें अक्सर अपने राज्य को लेकर बनी
रंगों में दर्ज जीवन: अंजोली इला मेनन का आत्मीय पुनरागमन त्रिवेणी कला संगम में आयोजित ‘रीविज़िटेशन्स’ स्मृतियों की एक ऐसी यात्रा की तरह खुलती है, जो वरिष्ठ कलाकार अंजोली इला
कर्नाटक के वैन गॉग: रंगों में बसता बेंगलुरु—रुमाले चन्नाबसवैया को एक जीवंत श्रद्धांजलि बेंगलुरु की बदलती पहचान के बीच कुछ रंग ऐसे हैं, जो समय की सीमाओं को पार कर हमेशा जीवित रहते
चलते धागे: कैसे ‘पद्मा डोरी’ भारत को एक ही बुनावट में पिरो रही है एक ऐसे देश में, जहाँ हर क्षेत्र अपनी पहचान वस्त्रों के माध्यम से व्यक्त करता है, एक नई पहल
मिट्टी, स्मृतियाँ और रंग: ‘भेट’ में जीवित है कृषि की आत्मा ग्रामीण जीवन की सादगी, खेतों की महक और बचपन की यादों को एक साथ पिरोती है ‘भेट’—प्रख्यात कलाकार नवनीत
यशोदा और कृष्ण ने तोड़ा हर रिकॉर्ड: ₹167 करोड़ में बिकी उन्नीसवीं सदी की कालजयी कृति ‘यशोदा और कृष्ण’, जिसे महान चित्रकार राजा रवि वर्मा ने रचा था, ने कला-जगत
आंध्र के तटों से दुनिया की अलमारियों तक: कलमकारी की जीवंत और प्रेरणादायक विरासत आंध्र प्रदेश के तटीय मार्ग पर विजयवाड़ा से मछलीपट्टनम की ओर बढ़ते हुए सफर धीरे-धीरे एक खूबसूरत दृश्य में
जब शिल्प को मिला भविष्य: कैसे फोकस्ट्रोक भारत के कारीगरों की कहानी बदल रहा है मध्य प्रदेश के शांत गाँव पाटनगढ़ में जीवन एक परिचित लय में चलता है। खेत जोते जाते हैं, मौसम
पटना कलम: रंगों में सजी आम जिंदगी की अनकही दास्तान अक्सर “19वीं सदी का इंस्टाग्राम” कहे जाने वाला पटना कलम केवल एक कला शैली नहीं था, बल्कि उस दौर