Subodh Kumar Jha, Author at pravasisamwad - Page 2 of 4
Subodh Kumar Jha

Subodh Kumar Jha

स्त्री-विमर्श

स्त्रियों का क्रोध प्रतिशोध चाहता है और वह इसके लिए कोई भी कीमत अदा करने को तैयार हो उठती। प्रतिशोध वे लें किसी से भी, अंततः प्रभावित पुरुष ही होते हैं। PRAVASISAMWAD.COM आज मेरा मन स्त्री-विमर्श का हो गया है। वैसे भी स्त्री-विमर्श पुरुषों के लिए सबसे रुचिकर विषय होता

अनुवाद का सतही संवाद

आज एक मित्र (यही शब्द ठीक रहेगा) ने शुभ रात्रि कहने के पश्चात मेरे लिए मधु-स्वप्न की भी कामना की।

‘धूमिल’ पुण्यतिथि विशेष: उन्हें शोषक पर क्षोभ तो था, पर शोषितों द्वारा शोषकों का ही पक्ष लेना भी पीड़ित करता था

हिंदी कविता के एंग्री यंग मैन सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ की 47वीं पुण्यतिथि (10 फरवरी) पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। गुस्सा

फगुनाहट

अब न मदनोत्सव मनाया जाता है, न होली में वो हुड़दंग बचा है, न फगुनाहट में वो रस। जिंदा रहने
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