समुद्र किनारे बसी कला की बस्ती: चोलामंडल कलाकार ग्राम कल्पना कीजिए—चेन्नई के शोर-शराबे से दूर, समुद्र की हवा में घुली रचनात्मकता, जहाँ कैनवास, हथकरघा और मूर्तियाँ साथ-साथ साँस लेती