सहरा … - pravasisamwad
August 11, 2021
2 mins read

सहरा …

Photo By Vandana Jyotirmayee
‘नक़्श- ए – फ़रियादी है
किसकी शोख़ी- ए- तहरीर का ….”
मेरे कैमरा लेंस की ज़िद होती है  …रेत पर लिखी ,  छोटी से छोटी रेखाओं को क़ैद करने की ! हवा की उँगलियाँ रेत के बदन पर जाने कितनी नज़्में लिखती और मिटाती हैं …

अब प्रकृति में हो रही गुफ़्तगू को रेकोर्ड करना कभी तो लगता है की उचित नहीं  , उनकी अंतरंगता में हम इंसान हस्तक्षेप ही तो करते हैं .. 

कभी आँखें बंद कर के बैठ जाती हूँ , महसूस करती हूँ उनकी बातों को और कभी क़ैद करती हूँ चुपके चुपके उनकी गुफ़्तगू .. कभी शरीक हो जाती हूँ उनके गीत में , गुनगुना लेती हूँ , कभी अधखुली आँखों से देखने की कोशिश करती हूँ उन लरज़िशों को … जब रेत सिहर जाती जाती है , हवा के एक झोंके की आमद से !
फिर सोचती हूँ की प्रकृति की भाषा को समझने के लिए रेत ही हो जाना चाहिए … तब हवा की रचनाओं का मर्म समझ आएगा ..
रेगिस्तान में कुछ होने और ना होने का फ़र्क़ मिट जाता है .. जहां से उभरना ,  उसी में मिल जाने की सीख पल पल .. क्षण क्षण ..
एक जीवन दर्शन … एक जीवन संगीत … जीवन की  गति और उसके क्षणभंगुर होने के अद्भुत duet को प्रस्तुत करती हैं रेत और हवाएँ !


— वंदना ज्योतिर्मयी

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

Foreign nationals allowed use passport as ID for to get vaccination in India

Next Story

पाश .. मेरी दृष्टि में ..

Latest from Blog

Pravasi Daily News 20.06.2026

India–UK Social Security Pact Set to Save Millions for Firms and Workers https://pravasisamwad.com/india-uk-social-security-pact-set-to-save-millions-for-firms-and-workers/ Oman Overtakes Qatar as India’s Largest LNG
Go toTop