खरीदारी की लत एक समस्या एक वक़्त था जब लोग बिना ज़रूरत बाज़ार नहीं जाते थे। मुझे याद है मेरी दादी माँ महीने में केवल
दहलीज़ पर सजी कला: दक्षिण भारत की कोलम परंपरा दक्षिण भारत के राज्यों की यात्रा करें तो आपको केवल प्राकृतिक दृश्य और मंदिर ही नहीं, बल्कि हर घर की
‘क्या ज़रूरी था, दाढ़ तोड़ के जाना तेरा, माना, तू नरमदिल न हुआ, ठेकुआ मेरा.’ आनंदवर्धन ओझा बिहारी भारत के किसी कोने में रहे,वह अपनी प्रवृत्ति से विवश रहता है. गर्मियों में उसे चाहिए आम-लीची-बेल,
बघेली लोक साहित्य में जाड़ा बाबूलाल दाहिया वैसे तो ठंड नवंबर में धीरे-धीरे ही आती है पर कश्मीर में बर्फवारी के कारण इस वर्ष बीस-बाईस
कर्मा नृत्य से टैटू कला तक: बैगा समुदाय की अनकही कहानी भारत की विविधता केवल उसकी भाषाओं और भौगोलिक परिदृश्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में पनपती
नेपाली और हिंदी की जननी एक ही संस्कृत किरण बाला ‘किरन’, काठमांडू हिंदी भारत ही नहीं नेपाल की भी भाषा है. फ्रेंच, अंग्रेजी, जर्मनी, चाइनीज़, अरेबिक के बाद सबसे अधिक
न्यूज़ीलैंड पार्लियामेंट में भारतीय महिलायें न्यूज़ीलैंड वो देश है जहां दुनिया भर में सबसे पहले महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला था. महिलाओं को अधिकार,
पाँच रुपये की दिहाड़ी से वैश्विक कला मंच तक: तेजु बहन की असाधारण यात्रा जब सत्रह वर्षीय तेजु बहन अपने पति गणेश जोगी के साथ राजस्थान से अहमदाबाद आईं, तब उन्होंने कभी कल्पना भी
न्यूज़ीलैंड की हिंदी यात्रा हिंदी का नाम विश्व की सबसे बड़ी भाषाओं में तीसरे स्थान पर आता है. पिछले पचास वर्षों में इसके बोलने
कपड़े पर उकेरी संस्कृति: पट्टचित्र की जीवित विरासत पट्टचित्र सिर्फ एक अमूर्त कला नहीं है, बल्कि यह कहानी कहने के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करती है।