Baljeet Singh Hansi, Author at Pravasi Samwad
Baljeet Singh Hansi

Baljeet Singh Hansi

हांसी, हरियाणा के युवा ग़ज़लकार, बलजीत सिंह 'बेनाम', अपनी रचनाओं में हरियाणवी पृष्ठभूमि और शहरी संवेदना के द्वंद्व को प्रभावशाली ढंग से पिरोते हैं। उनकी रचनाएँ ‘अभिनव इमरोज़’, ‘प्रवासी संवाद’ तथा ‘साक्षात्कार’ (मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी) में प्रकाशन हेतु स्वीकृत/प्रक्रियाधीन हैं।)

उर्दू और हिंदी की सहज अभिव्यक्ति का सुंदर संगम उनकी ग़ज़लों की विशिष्ट पहचान है।

तन्हा

लग रहा था कि घर में तन्हा हूँ! मैं तो लेकिन नगर में तन्हा हूँ! साथ मेरे है क़ाफ़िला फिर
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