योग: मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का साधन आवश्यक ये है कि हम कुछ अत्यंत सफल और सरल, सदियों से माने हुए तरीक़ों पर भी दृष्टि डालें और
आज़ादी का सच! यद्यपि यह कविता आज़ादी की रजत जयंती (१९७२) के अवसर पर लिखी गयी थी, किंतु आज के समय में भी
पाश .. मेरी दृष्टि में .. अवतार सिंह संधू , (तख़ल्लुस ‘ पाश ‘ ) .. की कविताएँ पढ़ कर अंतस की ख़ामोशियों में आँधी सी
योग के आयाम: योग का मार्मिक एवं संवेदनात्मक पक्ष — भक्ति योग का बहुत ही मार्मिक एवं संवेदनात्मक पक्ष है भक्ति, जो न जाने कितने घात प्रतिघातों को सहने के पश्चात फलीभूत होती
योग के आयाम: क्षमा योग की श्रृंखला में “क्षमा” एक महत्वपूर्ण सीढ़ी है जो अष्टांग योग के प्रथम पायदान “यम” के अंतर्गत आता है।
योग के आयाम: कोरोना काल में योग की भूमिका “योग परम शक्तिशाली विश्व संस्कृति के रूप में प्रकट होगा और विश्व की घटनाओं को निर्देश देगा।” ये कथन स्वामी
योग के आयाम: नश्वर शरीर अमर आत्मा ज्ञान की बातें हम सभी करते हैं किन्तु मृत्यु की यथार्थता ज्ञान शून्य कर जाती है| शरीर नश्वर और आत्मा
योग के आयाम: मनोबुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चिति… हमारे अंतःकरण में समाहितमन, बुद्धि, चित्त और अहंकारहमारी कमजोरियाँ नहीं अपितु आध्यात्मिक पथ के साधन हैं| इनकी शक्तियों कासदुपयोग ही
महामारी की त्रासदी और बकवास झेल रहा आदमी सूचना की महामारी (इंफोडेमिक ) से जूझता आम जनजीवन ! PRAVASISAMWAD.COM हमारा भारत देश विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में