योग के आयाम: नश्वर शरीर अमर आत्मा ज्ञान की बातें हम सभी करते हैं किन्तु मृत्यु की यथार्थता ज्ञान शून्य कर जाती है| शरीर नश्वर और आत्मा
योग के आयाम: मनोबुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चिति… हमारे अंतःकरण में समाहितमन, बुद्धि, चित्त और अहंकारहमारी कमजोरियाँ नहीं अपितु आध्यात्मिक पथ के साधन हैं| इनकी शक्तियों कासदुपयोग ही
महामारी की त्रासदी और बकवास झेल रहा आदमी सूचना की महामारी (इंफोडेमिक ) से जूझता आम जनजीवन ! PRAVASISAMWAD.COM हमारा भारत देश विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में
योग के आयाम: मन, बुद्धि, चित्त और अहंकार हमारे अंतःकरण में समाहित मन, बुद्धि, चित्त और अहंकार हमारी कमजोरियाँ नहीं अपितु आध्यात्मिक पथ के साधन हैं| इनकी शक्तियों
योग के आयाम: मनोनिग्रह (दान्ती) एवं इन्द्रिय निग्रह हमारी इन्द्रियाँ अपने अनुभवों की सूचना निरंतर मन को पहुँचाती हैं| जहाँ मन इनकी छँटनी बुद्धि एवं विवेक के द्वारा
योग के आयाम: अनुकूलता एवं प्रतिकूलता के बीच संघर्ष प्रतिकूल परिस्थितियाँ सीखने की प्रक्रिया में उत्प्रेरक (catalyst ) की भूमिका निभाती हैं| जब अनुकूलता एवं प्रतिकूलता के बीच संघर्ष
योग के आयाम: नकारात्मक विचारों को सकारात्मक रूप देना प्रतिपक्ष-भावना — नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों का रूप देना | यह बुद्धि के सदुपयोग को दर्शाती है जो साधना के रूप
योग के आयाम: भूल की परिणति सुधार हम भूल के भँवर में ही फँस कर रह जाते हैं और परिणति तक पहुँच नहीं पाते भूल — सीखने
योग के आयाम: तामसिक एवं सात्विक गुण कर्म ही तप है श्रद्धा से करने की मिली है सीख प्रेम से झोली भर डाली बिन माँगे ही भीख
योग के आयाम: मन की प्रवृत्ति हमेंशा व्यवहार में झलकती है हमारे जीवन के दो पक्ष हैं– सांसारिक और आध्यात्मिक| शांतिपूर्ण एवं सुखमय जीवन के लिए इन दोनो में समन्वय आवश्यक