योग के आयाम: निग्रह / भक्ति इंद्रियनिग्रह योग ने सदैव मानव जीवन के कल्याण हेतु मनोनिग्रह एवं इंद्रियनिग्रह की बात की है| निग्रह— अर्थात् — निः—-नियंत्रण
योग के आयाम: शारीरिक एवं अध्यात्मिक पक्ष / प्रेम की अपार शक्ति योग का शारीरिक एवं अध्यात्मिक पक्ष ” प्रसनन्ता उर आनहु सबहीं कहै समझाए षट् रिपु द्वार खड़े हैं प्रभुजी दीजो
योग के आयाम: मन एवं इन्द्रियाँ / पहले प्रशिक्षण, फिर परिणाम मन एवं इन्द्रियाँ मन एवं इन्द्रियाँ एक दूसरे की पूरक हैं| मन सबका केंद्र बिंदु है| इन्द्रियाँ वे खिड़कियाँ हैं
योग के आयाम: प्रसन्नता / यम एवं नियम PRAVASISAMWAD.COM प्रसन्नता प्रसन्नता विपरीत परिस्थितियों में उनके नकारात्मक प्रभाव को कम करने में कवच का काम करता है| यह संतोषपूर्ण
प्रवासी कहानी: जलेबी PRAVASISAMWAD.COM परदेस में आकर पूर्णा सबसे ज्यादा जलेबी को ही मिस करती है। यहाँ परदेस में उसकी पसन्द की लगभग
योग के आयाम: विचार – सुविचार PRAVASISAMWAD.COM अनुकूल एवं प्रतिकूल परिस्थितियों का महत्व अनुकूल एवं प्रतिकूल परिस्थितियों का महत्वजीवन की यात्रा में अनुकूल एवं प्रतिकूल दोनों परिस्थितियाँ आती हैं जिसमें पूरी प्रकृति
योग के आयाम: समर्पण का आधार PRAVASISAMWAD.COM एक लघु कथा श्रद्धा एवं विश्वास – सिद्धांत एवं व्यवहारिकता में महान अंतर एक गाँव में एक माँ अपने
कहानी: स्वाद का मारा…. PRAVASISAMWAD.COM चाँद का गोल आकार देखते ही में समझ गया कि आज पूर्णिमा की रात थी। पर चाँद पर नज़र
The bottom line! David Solomon At one time, school-masters had a very basic implement in their classrooms to keep refractory students in line
Tiger tales of yesterday By David Solomon Tiger tales – narrow escapes, close encounters or those where one ends ups as the big cat’s