March 30, 2026
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दृढ़ता और कला की कहानी: जनार्धनन—माउथ पेंटर जिसने संभावनाओं को नई पहचान दी

 

24 वर्षीय जनार्धनन एक साधारण जीवन जीने वाला युवक नहीं है वह ऐसा इंसान है जिसने हर मुश्किल को पार करते हुए अपनी अलग राह बनाई है। आठ साल की उम्र में एक भयानक बिजली दुर्घटना में अपने दोनों हाथ, एक पैर और दूसरे पैर का हिस्सा खो देने के बाद भी उसने हालात को खुद पर हावी नहीं होने दिया।

कई महीनों के इलाज, आठ सर्जरी और शारीरिक व मानसिक पीड़ा के बाद जनार्धनन को जीवन का दूसरा मौका मिला। इसी दौरान डॉक्टर की एक साधारण सलाह ने उसकी जिंदगी बदल दी वह अपने मुंह से लिखना सीख सकता है। उसी दिन से उसने अभ्यास शुरू कर दिया।

जो शुरुआत लिखने की कोशिश से हुई, वह जल्द ही कुछ बड़ा बन गई। अपनी मां को चित्र बनाते देख वह प्रेरित हुआ और उसने मुंह से पेंटिंग करने का प्रयास शुरू किया। लगातार अभ्यास और बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के उसने इस कला में महारत हासिल कर ली।

शुरुआत में वह बहुत संकोची था और बाहर जाने से हिचकिचाता था, लेकिन जब उसने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और पहला पुरस्कार जीता, तो उसकी जिंदगी बदल गई। यह जीत उसके लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसने उसे आत्मविश्वास, उद्देश्य और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

2003 से अब तक जनार्धनन 150 से अधिक पेंटिंग प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीत चुका है, जिनमें दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार भी शामिल हैं। उसके जीवन का एक यादगार पल वह था जब उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया और पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने उसे दूसरों के लिए एक आदर्श बनने की प्रेरणा दी और वह आज भी उसी संदेश पर चलता है।

उसे प्रसिद्ध संगीतकार A. R. Rahman द्वारा भी सम्मानित किया गया है, जो उसकी प्रतिभा और संघर्ष की एक और बड़ी पहचान है।

कला के साथ-साथ जनार्धनन ने अपनी पढ़ाई भी उसी दृढ़ता से जारी रखी उसने अपने सभी परीक्षाएं मुंह से लिखकर दीं। बाद में उसने लोयोला कॉलेज से मल्टीमीडिया और विज़ुअल इफेक्ट्स की पढ़ाई की और एक मीडिया चैनल में काम भी किया। आज वह एक फ्रीलांस फिल्म एडिटर के रूप में काम कर रहा है और फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

हर दिन चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, जनार्धनन हमेशा सकारात्मक सोच को अपनाता है। उसकी कहानी सिर्फ जीवित रहने की नहीं है यह कठिनाइयों को ताकत में बदलने और सीमाओं को अनंत संभावनाओं में बदलने की प्रेरक कहानी है।

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